Devi-Devtao Ke Rahatsya Devdutt Pattanaik

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Paperback

192 pages


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Devi-Devtao Ke Rahatsya  by  Devdutt Pattanaik

Devi-Devtao Ke Rahatsya by Devdutt Pattanaik
| Paperback | PDF, EPUB, FB2, DjVu, AUDIO, mp3, RTF | 192 pages | ISBN: | 7.34 Mb

हिंदू देवी-देवताओं के नयनाभिराम और सुंदर चितर भकतों को अपनी ओर आकरषित करते हैं तथा उनमें आसथा एवं भकतिभाव की अजसर धारा परवाहित कर देते हैं। पर कम ही लोग इन चितरों में परदरशित विभिनन सवरूपों के बारे में जञान रखते हैं।परसतुत पुसतक हिंदू कलेंडर कला केMoreहिंदू देवी-देवताओं के नयनाभिराम और सुंदर चित्र भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं तथा उनमें आस्था एवं भक्तिभाव की अजस्र धारा प्रवाहित कर देते हैं। पर कम ही लोग इन चित्रों में प्रदर्शित विभिन्न स्वरूपों के बारे में ज्ञान रखते हैं।प्रस्तुत पुस्तक हिंदू कलेंडर कला के इन चित्रों के रहस्यों को सुलझाने का एक सुंदर प्रयास है। इसमें बताया गया है-गणेश सभी बाधाओं को दूर करनेवाले देवता हैं।शेर पर सवार चामुंडा प्रकृति पर अपने प्रभुत्व का संकेत करती है।अपनी हथेली को उठाकर देवी अपने भक्तों से कहती हैं कि डरने की जरूरत नहीं है।गणेश का एक टूटा हुआ दाँत संयम का प्रतीक है।भू-देवी, यानी गाय के रूप में पृथ्वी लक्ष्मी का दूसरा रूप है।हिंदुओं की आस्था के केंद्रबिंदु देवी-देवताओं के चित्रों के माध्यम से धार्मिक नवजागरण का मार्ग प्रशस्त करती एक पठनीय पुस्तक।



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